आंटी को फंसाकर प्यार से चोदा

0
Loading...

प्रेषक : डेविल …

हैल्लो दोस्तों, में डेविल आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को अपना पहला सेक्स अनुभव, जो मैंने अपने पड़ोस में रहने वाली को चोदकर प्राप्त किया, वो घटना सुनाने जा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह घटना आप लोगों को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों में दिल्ली में रहता हूँ और मुझे तब से ही सेक्स करने की चाह थी, जब में बहुत छोटा था। मैंने बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ भी पढ़ी, जिनको पढ़कर मुझे बहुत मज़ा आया, लेकिन मैंने कभी भी सेक्स नहीं किया था। फिर जब में थोड़ा सा बड़ा हुआ तो मेरे कुछ दोस्त सेक्स करने बाहर जाते थे, उन्होंने वहां पर जाने के लिए मुझसे भी कहा था, लेकिन मैंने उनसे हमेशा साफ मना कर दिया, क्योंकि मुझे इस तरह से सेक्स नहीं करना था, क्योंकि दोस्तों मुझे प्यार से सेक्स करना था और किसी से कोई जोर जबरदस्ती नहीं चाहिए थी, वो सब मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता है और अब में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ, जिसमें मैंने बहुत प्यार से अपनी आंटी को अपनी तरफ आकर्षित करके उनकी चुदाई के पूरे पूरे मज़े लिए और उनको अपनी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट भी किया।

फिर उस दिन हुआ यह कि हमारे पड़ोस में एक आंटी रहती थी, वो बहुत ही सेक्सी थी, मुझे दूसरो का पता नहीं, लेकिन जब भी में उन्हें देखता था, तब मेरा उनको पटाने का मन करता था और उनके साथ वो सब करने का मन करता था, में उनके साथ एक बार चुदाई जरुर करना चाहता था, लेकिन मैंने फिर भी कभी आगे बढ़ने की कोशिश नहीं की, क्योंकि उनके घर से हमारी घर की बहुत अच्छी बोलचाल थी और उनका हमारे घर पर आना जाना लगा रहता था और में भी हर कभी उनके घर पर जाया करता था और अगर में ऐसा कुछ करता तो वो अपने घर पर ना कह दे, इस बात को सोचकर में हमेशा डरता था और में उनके घर पर जाता और उनके साथ हंसी मजाक बातें किया करता था। अंकल सुबह जल्दी उठकर अपने काम से मार्केट सामान लेने चले जाते थे। उस अंकल की एक चमड़े के बेग बनाने की फेक्ट्री थी, जहाँ पर बेग वगेरा बनते थे और उनकी फेक्ट्री उनके घर के नीचे ही थी और आंटी के घर में आंटी, अंकल ही रहते थे औए उनके दो बेटे थे, वो दोनों हॉस्टल में रहते और वहीं अपनी पढ़ाई किया करते थे।

दोस्तों वो आंटी दिखने में तो बहुत मस्त थी और उनके फिगर का आकार 38-30-36 था, आंटी मुझे बहुत मानती थी, कभी कभी में उनके घर का सामान लाया करता था। एक बार हुआ यह कि में आंटी के घर पर पैसे देने चला गया, क्योंकि मेरे भाई ने उनसे एक बेग बनवाया था और उस दिन अंकल की फेक्ट्री बंद थी, इसलिए में आंटी को पैसे देने चला गया। फिर में जैसे ही ऊपर गया और उन्हें आवाज़ लगाते हुए सीधा आंटी के कमरे में चला गया और फिर मैंने देखा कि आंटी बिस्तर पर लेटी हुई थी और वो उस समय अपनी चूत में उंगली कर रही थी। मैंने आंटी को देखा और आंटी ने मुझे देख लिया और अब में तुरंत उनके कमरे से बाहर आ गया, लेकिन बाहर आते समय मैंने आंटी को मेरे इस तरह अचानक से उनके कमरे में आ जाने के लिए माफ़ करने के लिए कहा। फिर मैंने देखा कि आंटी ने मुझे देखकर ऐसा कोई भी किसी भी तरह का विरोध ही नहीं किया। आंटी उठकर बैठ गई और उन्होंने मुझे बाहर से अंदर बुलाकर मुझसे बस इतना कहा कि कोई बात नहीं तुम्हारी इसमें कोई गलती नहीं है, हाँ बताओ तुम्हें मुझसे क्या काम था? तो मैंने उनसे कहा कि यह पैसे मुझे मेरे भाई ने आपको देने के लिए दिए है, भाई ने कोई बेग बनवाया था यह उसके पैसे है और फिर में उनसे इतना कहकर पैसे देकर वहां से जाने लगा। तभी आंटी ने पीछे से आवाज देकर कहा सुनो, तो मैंने कहा कि हाँ जी आंटी, उन्होंने कहा कि तुम इधर आओ और फिर में उनके पास चला गया और उन्होंने धीरे से मुझसे कहा कि तुम यह बात किसी से कहना मत क्यों ठीक है? तो मैंने भी अपना सर हिलाते हुए कहा कि हाँ ठीक है आंटी में किसी से कुछ भी नहीं कहूँगा और में आंटी को अपनी तरफ से एक बार और माफ़ करने के लिए बोलकर में वहां से अपने घर पर आ गया। फिर कुछ दिन ऐसे ही बीत गये। में उनके घर पर ऐसे ही आता जाता रहा और वो भी अपने किसी ना किसी काम से आती जाती रही और हमारे बीच बातें हंसी मजाक भी चलता रहा और उसके बाद एक दिन में अपनी स्कूटी को घर में खड़ी कर रहा था। फिर आंटी ने मुझे देख लिया और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि डेविल तुम कुछ देर के लिए ऊपर आ जाओ, मुझे तुमसे कुछ काम है। दोस्तों में उनके कहने पर ऊपर चला गया, तब आंटी ने मुझे बताया कि तुम्हारे अंकल इस समय मार्केट गये है और वो रात को 9 बजे तक आएँगे, अभी 11 बज रहे है। फिर मैंने उनसे कहा कि हाँ वो सब तो ठीक है, लेकिन में अब क्या करूं? तो वो मेरी यह बात को सुनकर हंसने लगी और उन्होंने मुस्कुराते हुए मुझसे कहा कि तुम अंदर चलो, में तुम्हें सब कुछ बताती हूँ। दोस्तों मुझे उनकी शरारती हंसी उनके चेहरे की बनावट को देखकर लगने लगा था कि आज तो आंटी मुझसे अपनी चुदाई जरुर करवाएँगी, तभी तो वो मुझे बहुत प्यार से मुस्कुराते हुए अंदर चलने के लिए कह रही है। फिर वो मेरे लिए कुछ खाने के लिए लेकर आ गई। मैंने जब देखा तो में एकदम चकित हो गया और मन ही मन सोचने लगा कि डेविल आज तो तेरी निकल पड़ी, आज तुझे चुदाई करने का पूरा मज़ा मिलेगा। अब मैंने ध्यान से देखा तो आंटी के निप्पल मुझे साफ साफ दिख रहे थे और आंटी ने सलवार भी एकदम टाईट पहनी थी। दोस्तों में शरारत करने में बहुत अच्छा था, इसलिए मुझे जब भी मौका मिलता है, में शुरू हो जाता हूँ, यहाँ तक कि में अपनी टीचर्स के साथ भी बहुत शरारत किया करता।

फिर अब आंटी मेरे पास आई और आंटी ने मुझसे कहा कि खाना शुरू करो, तो मैंने कहा कि नहीं आंटी मेरा बिल्कुल भी मन नहीं कर रहा। तब आंटी ने मुझसे पूछा कि क्यों? थोड़ा सा तो खा लो। फिर मैंने कहा कि नहीं मेरा मन बिल्कुल भी नहीं है, मेरा मन तो कुछ और करने को कर रहा है। फिर उन्होंने कहा कि अच्छा ऐसा है तो मैंने हाँ कहा और उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम्हारा ऐसा क्या करने का मन कर रहा है? तो मैंने उनसे कहा कि मुझे पता नहीं, लेकिन हाँ मेरा बहुत अजीब सा मन हो रहा है और बस कुछ करने का मन कर रहा है और मुझे पता नहीं क्या करने का मन कर रहा है? तो आंटी ने कहा कि सच बता, तो मैंने कहा कि हाँ आंटी में सच कह रहा हूँ, लेकिन क्या में आपसे एक बात पूछ सकता हूँ? तब आंटी ने मुस्कुराते हुए मुझसे कहा कि हाँ पूछो? तो मैंने उनसे कहा कि आंटी आप पहले भी इतनी सुंदर थी या वक़्त का कोई हसीन सितम या यह कोई समय का परिवर्तन है? फिर आंटी मेरी पूरी बात को सुनकर ज़ोर से हंसने लगी और फिर वो मुझसे कहने लगी कि अच्छा तो तुम्हें मुझे देखकर मेरे बारे में यह सब लगता है। फिर मैंने उनसे कहा कि हाँ आप बहुत सुंदर हो, मुझे तो हमेशा आप जैसी ही सुंदर सुशील पत्नी चाहिए। फिर आंटी ने कहा कि अच्छा ऐसा है, तब तो तुझे मेरी जैसी पत्नी कभी नहीं मिलेगी, तो मैंने कहा कि हाँ में जानता हूँ। फिर आंटी ने मुझसे पूछा कि तुम जानते हो तो मुझे बताओ कि तुम्हें मेरे जैसी पत्नी क्यों नहीं मिलेगी? तो मैंने तुरंत कहा कि आप इस पूरी दुनिया में बस एक ही हो, इसलिए मुझे नहीं मिलेगी। तब आंटी ने कहा कि नहीं ऐसा कुछ नहीं है, तुमको मेरी जैसी पत्नी चाहिए में थोड़ी? तो मैंने कहा कि हाँ आपकी यह बात भी बिल्कुल सही है। मैंने इस बारे में नहीं सोचा था, तब आंटी ने मुझसे कहा कि वैसे में अब भी तुम्हारी हो सकती हूँ। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

Loading...

दोस्तों तब मैंने मन ही मन में सोचा कि हाँ तो जल्दी हो जाओ, देर किस बात की? में तुम्हारी रोज़ चुदाई करूँगा। फिर मैंने पूछा कि क्या? तब आंटी ने मुस्कुराते हुए मुझसे पूछा कि यह बताओ तुम कुछ खा तो नहीं रहे, क्या तुम कुछ पियोगे? मैंने तुरंत धीरे से कहा कि हाँ आपका दूध और फिर मैंने दोबारा कहा कि हाँ तब आंटी ने पूछा कि क्या पियोगे? तो मैंने उनसे कहा कि आप कुछ भी पिला दीजिए, जो आपका मन करे और जो आपके पास है, वो भी चलेगा। फिर आंटी ने पूछा कि क्या कहा तुमने जो मेरे पास है, वो भी चलेगा? तब मैंने कहा कि हाँ जो आपके पास है, वो भी पिला दीजिए और तभी मैंने थोड़ा सा अंजान बनकर एकदम से तुरंत कहा कि मेरा मतलब आपके वो नहीं, में पानी वगेरा की बात कर रहा हूँ। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तुम बहुत समझदार हो और फिर मैंने कहा कि हाँ कोई शक? तब उन्होंने कहा कि हाँ शक तो है। फिर मैंने पूछा कि कैसा शक? उन्होंने कहा कि तू या तो नाटक कर रहा है या फिर मुझे अपनी बातों में फंसा रहा है। दोस्तों मैंने उनके मुहं से फंसाने की बात सुनकर उनके सामने अपने लंड पर खुजाते हुए कहा कि हाँ जो भी आप समझ लो, में वही मान लूँगा। तब उन्होंने कहा कि अच्छा जी सब ठीक है, लेकिन तू तो बहुत तेज़ निकला और फिर वो मेरे पास आकर बैठ गई और उन्होंने तुरंत अपना सूट उठाकर मुझसे कहा कि यह ले। दोस्तों मैंने ना आव देखा ना ताव अपनी नजरों के सामने उसके झूलते हुए दोनों बूब्स को अपने हाथों से पकड़ लिया और अब में उनको ज़ोर ज़ोर से दबाने, चूसने लगा, जिसकी वजह से आंटी के मुहं से हंसी निकली और में एक एक करके उनके दोनों बड़े आकार के बिल्कुल गोरे गोरे एकदम गोल बूब्स को निचोड़कर चूस रहा था और में उनके निप्पल को ज़ोर ज़ोर से अपने दातों से खीँच भी रहा था।

Loading...

दोस्तों अब आंटी पूरे जोश में आकर मुझसे कह रही थी, हाँ चूस उफफ्फ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से चूस कुत्ते आह्ह्ह्ह हाँ चूस और इस बीच उन्होंने अपना सूट उतार दिया। अब वो मेरा मुहं अपने बूब्स पर पूरे जोश में आकर दबाने लगी और करीब ऐसा हमारे बीच 15-20 मिनट तक लगातार ही चलता रहा और उसके बाद फिर मैंने आंटी को सोफे पर लेटा दिया और अपनी पेंट को उतारी और टी-शर्ट को भी उतारी और जल्दी से अंडरवियर को भी उतार दिया। उसके बाद में आंटी के बूब्स पर दोबारा टूट पड़ा और अब आंटी तरह तरह की आवाज़े निकालने लगी थी, जिनको सुनकर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और आंटी को भी जोश में होने की वजह से बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन में अब भी आंटी के बूब्स को चूसना नहीं छोड़ रहा था। तभी आंटी ने मुझसे कहा कि बेडरूम में चल और आंटी ने अपनी सलवार उतारी और हम बेडरूम में चले गये और उसके बाद आंटी बेड पर लेट गई और उन्होंने अपने दोनों पैरों को फैला दिया और फिर मुझसे कहा कि आजा चूस हरामखोर चाट ले इसको मुझे ऐसे क्या देख रहा है, चल अब जल्दी से अपने काम पर लग जा। फिर मैंने तुरंत आंटी के दोनों पैर कसकर पकड़े और अब में आंटी की चूत को चाटने, चूसने लगा, मुझे बहुत मज़ा आ गया था और ऐसा लग रहा था कि किसी ने मेरे मुहं में आग रख दी हो, क्योंकि उस समय आंटी की चूत जोश में आकर इतनी गरम हो गई थी और फिर करीब 10-25 मिनट के बाद मैंने महसूस किया कि आंटी अब झड़ने वाली थी।

फिर उन्होंने झट से अपने दोनों हाथों से मेरे सर को पकड़ लिया और जोश में आकर अपनी चूत पर दबाने लगी थी और मैंने अपनी जीभ को आंटी की चूत में और भी अंदर तक डाल दिया था, जिसकी वजह से आंटी थोड़ी ज़ोर से चिल्लाई और उन्होंने जोश में आकर मुझसे कहा उफफ्फ्फ्फ़ चाट हरामी कुत्ते साले चाट और आंटी ज़ोर से चिल्लाई और फिर वो मेरे मुहं पर झड़ गई। में उठा और मैंने अपना लंड आंटी की चूत के मुहं पर रखा और रगड़ने लगा, जिसकी वजह से अब आंटी को गुदगुदी होने लगी थी और अब आंटी मुझसे कहने लगी कि प्लीज अब डाल दो ना। फिर मैंने कहा कि में नहीं डाल रहा कहीं मुझे एड्स ना हो जाए, तब आंटी ने कहा कि अपने बेटे की कसम में तेरे अंकल के बाद आज तुझसे चुद रही हूँ। अब में थोड़ा और रगड़ने लगा और आंटी मुझे गालियाँ देने लगी, मादरचोद चोद ना क्यों मेरा इतना समय खराब कर रहा है, आह्ह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़ अब डाल भी दे अपना यह लंड मेरी प्यासी तड़पती हुई चूत में और मुझे शांत कर दे उह्ह्ह्ह। फिर मैंने कहा कि नहीं में नहीं चोद रहा। तभी आंटी ने झट से मेरा लंड पकड़ा और फिर मुझसे कहा कि बड़ा मोटा है कुत्ते तेरा तोता, क्यों तू बड़ा अकड़ दिखा रहा है? फिर वो उठी और उन्होंने मुझे अपने ऊपर ले लिया और मुझसे कहा कि अगर डाल देगा तो में हर रोज़ तुझे अपनी चूत दूँगी, तो मैंने कहा कि क्या बस चूत? फिर आंटी ने कहा कि बहन के लंड मादरचोद कुत्ते साले अब ज्यादा मत बन और डाल दे। फिर मैंने कहा कि हाँ तो देखो अब मेरा कमाल और फिर मैंने एक ही जोरदार धक्का देकर आंटी की चूत में अपना पूरा लंड डाल दिया, जिसकी वजह से आंटी बहुत ज़ोर से चिल्लाई, अह्ह्हह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ माँ मर गई और अब वो मुझे गालियाँ भी देने लगी थी, ऊईईईईइ माँ मार डाला बहन के लंड, मादरचोद लंड को बाहर निकाल कुत्ते हराम के बच्चे निकाल उह्ह्हह्ह्ह्ह। फिर मैंने आंटी के होंठो पर अपने होंठ रख दिए और आंटी को किस करने लगा और में थोड़ी देर तक ऐसे ही चुपचाप रहा। फिर कुछ देर बाद में धीरे धीरे अपने लंड को आगे पीछे करने लगा और फिर आंटी सिसकियों की आवाजे निकालने लगी, लेकिन दोस्तों मेरा लंड अभी भी आंटी की चूत में पूरा नहीं गया था, इसलिए मैंने मौका देखकर एक और जोरदार धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा का पूरा लंड चूत में चला गया।

फिर आंटी ज़ोर से चिल्लाई और उछल पड़ी और फिर उन्होंने मुझे होंठो पर किस करना शुरू कर दिया और साथ में अपने लंड को भी आगे पीछे करने लगा और में पूरे जोश में स्पीड से धक्के लगा रहा था। तभी आंटी ने मेरा मुहं पीछे किया और कहा कि साले कुत्ते उफ्फ्फ्फ़ आईईईईईइ प्लीज थोड़ा सा धीरे चोद में कहीं भागी नहीं जा रही, आराम से कर आह्ह्ह्हह्ह और फिर मैंने धीरे धीरे धक्के देकर उसकी चुदाई करना शुरू किया, जिसकी वजह से अब आंटी को भी बहुत मज़ा आने लगा था और आंटी सेक्सी जोश भरी आवाज़े निकालते निकालते मुझसे कहने लगी कि उफ्फ्फ्फफ् वाह तो बड़ा मस्त चुदाई करता है, उईईईईइ मज़ा आ गया वाह क्या बात है मज़ा आ गया आह्ह्ह्ह? फिर मैंने कहा कि सिर्फ़ जोरदार धक्को में नहीं आराम से सेक्स करने में भी बड़ा मज़ा आता है और अब में भी बहुत जल्दी झड़ने वाला था, इसलिए मैंने अपने लंड को आगे पीछे करना रोक दिया और अब मैंने आंटी के दोनों बूब्स को पकड़ लिया और आंटी को किस करने लगा। आंटी ने कहा कि हाँ लगातार करते रहो यार करते रहो उह्ह्हह्ह। फिर मैंने उनसे कहा कि में झड़ने वाला था, इसलिए रुक गया था तो आंटी ने मुझसे कहा कि तुझे बड़ा पता है? मैंने कहा कि हाँ में आपकी याद में आज तक मुठ मारता आ रहा हूँ। तब आंटी ने कहा कि अच्छा यह बात है तो अब जब भी तुझे मेरी याद आए तो तू मुझे चोदने आ जाना। मैंने कहा कि ठीक है और फिर मैंने दोबारा धीरे धीरे से सेक्स करना शुरू किया, जिसमें आंटी को बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन कुछ देर के बाद मैंने फिर से धीरे धीरे अपने धक्को की स्पीड को बढ़ा दिया और करीब 15 मिनट के बाद में झड़ ही गया और फिर में और आंटी ऐसे ही एक दूसरे की बाहों में लिपटकर पड़े रहे, लेकिन अभी सिर्फ़ दो ही बजे थे। मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाला और में एक तरफ लेट गया। तभी कुछ देर बाद आंटी मेरे ऊपर आई और वो अपनी चूत को मेरे लंड पर रगड़ने लगी, जिससे मेरा लंड कुछ ही देर में दोबारा तनकर खड़ा हो गया और फिर आंटी ने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत के मुहं पर सेट किया, वो बहुत धीरे धीरे उस पर बैठने लगी और लंड को अपनी चूत में उन्होंने पूरा अंदर डाल लिया। फिर मैंने उनके दोनों बूब्स को पकड़ा ज़ोर से दबा दिया। उसके बाद में निप्पल को नोचने, निचोड़ने लगा और अब आंटी मेरे ऊपर कूदने उछलने लगी और सेक्सी आवाजे निकालने लगी, ऊह्ह्हह्ह्ह्ह अहहहहहा उम्म्म्म आईईईईईईइ आज तो बहुत मज़ा आ गया, आज से में उफफ्फ्फ्फ़ तेरी हूँ तू मुझे अब हर रोज़ चोदना आह्हह्हह्हह बोल चोदेगा ना बता उफफ्फ्फ्फ़ बता भोसड़ी के बता मादरचोद कुत्ते। फिर मैंने आंटी की कमर को कसकर पकड़ी और अब मैंने नीचे से बहुत तेज़ तेज़ धक्के लगाने शुरू किए और आंटी नीचे झुकते हुए अपने बूब्स मेरे मुहं ले आई और फिर वो अपनी गांड उठा उठाकर मुझसे चुदने लगी और मेरा लंड पूरा अंदर तक लेने लगी और में नीचे से धक्के लगाने लगा, हम दोनों पूरे जोश में थे, जिसकी वजह से पूरे कमरे में आंटी की आवाज़ और फ़च फ़च की आवाज़ आ रही थी और फिर ऐसे ही कुछ देर बाद में आंटी की चूत में दोबारा से झड़ गया था और तब तक आंटी तीन बार झड़ गई थी और फिर आंटी मेरे ऊपर ऐसे ही लेटी रही और मुझे किस करने लगी। तभी आंटी का फोन बजा वो अंकल का फोन था, अंकल ने उनसे कहा कि वो थोड़ी देर में घर पर आ रहे है, कुछ बनाकर रखो उनको बहुत ज़ोर की भूख लगी है। तब आंटी ने मुझसे कहा कि तुम अभी जाओ, में बाद में कभी भी तुम्हें कोई अच्छा मौका देखकर अपनी चुदाई करने के लिए बुला लूंगी और तुम मुझे अपना मोबाईल नंबर दे दो, में तुम्हें फोन कर दूंगी। दोस्तों मैंने उन्हें जल्दी से अपना फोन नंबर दे दिया और आंटी को किस करने लगा। तब आंटी ने मुझसे कहा कि अब बस करो वरना में अपने आपको रोक नहीं पाऊँगी और हम दोनों फंस जाएँगे, क्योंकि अब तुम्हारे अंकल आ रहे है, अब तुम जाओ यहाँ से चले जाओ। फिर मैंने अपने कपड़े पहने और आंटी ने भी और फिर में जल्दी से तैयार होकर आंटी को बाय कहकर अपने घर पर चला गया ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!


माँ को पानी में चोदापापा का बड़ा लंड गाडं फाडदी hindi sexy khaniरोज बहाना करके देवर के कमरे में सोती थी chudaiभैया बाहर से आकर सबसे पहले मेरी चूत लेते हैदामाद ने सासु को नँगी कर के चोदीmaa ke sath suhagratindian sex history hindiनयी सेकस कहानीpenti pr Muth marne wali kahaniyanmaa bahan ko nanga karke nachaya or chudaiससुर बहु ननद कुत्ता चुदाईमोती चाची सुहागरातसेकसी कहानी भाई बहनdade ke bde bde gand sexystorekamukta comहिंदी सेक्स कहानियाँमा ने कहा कि मुझे चोदोlatest new hindi sexy storyससुर से बेटा लिया चुदाकर चुदाई कहानीbetiyo ka payar freehindi sex storyBehen ko gulam banayabegani Shaadi me behan ki chudakitchen main saari uthakar peeche se choda hindi sex storyWww , noukar ka kala land. , com हिन्दी सेक्सी कहानी बहान माँ पार्लर कैसे करती हैमीना चाची की वासनाBhudi anti ka rep kamuktaभया ओर भाभी की साकसि कहानीHindi jabardasti baltkar video gnndi leangweg me Kamukta xyz samadhi samdhanदादाने मुझे चोदाबहन को कालेज मे पटयाhindisexystroiesचुद जाkamukhta.comकामुकता. सेक्स कहाणीशराब पिलाबकर कि सकसि कहाchod jor se apni dadi ki gand fad deSex story आह बाबू डालो अबx vidio sadi se phle ghar par bulake karbai chudaisoniya bhabi ki six khaniwww kamukta storiesbhabhi ne kaam banaya hindi sexstori hindi .comमजा आ रहा है और चोदो जोड़ से फाड़ दो कहानीआंटी बोली पीठ पर साबुन लगा देtail lagakar maa ki chudai sexy story in hindiचुत की प्यासhind sexi storyhindi sexy sotorichhotua ke mousi xxxतीन मर्द और माँ की चुदाईsex story hindi comBahan ko bike sikhate sex kiya sex storyचूची दबा दीMuje bhut drd ho rha h aahhhh bahr nikalo ese sexy Hindi storysexy stiry in hindiचूत गीली क्यों रहती हैhot kamuktaमेरी चूत और गांड फाड़ दी स्टोरीhindesaxystoremaa didi tit bra khola ghar me sexभाई ने लैंड चुसना सिखायाचुदा चुदा के पानी आ गयामेरी प्यारी माँ की चुदाईतगड़े लंड के मज़ेvidhwa maa ka blouse kholaमेरे भैया मुझे किस करने लगे और बूब्स दबाने लगेwwwhindi chudai kikahaniaलाल टमाटर सेक्स कहानियांपीरियड सेक्स कहानियांmaa ne bola itna bara land kahaniरोजाना नई सेक्सी मां बेटे की उठाने के लिए झुकी तो उसने मेरी चुदाईsexystoerysamadhi ne samdhan ki chudae kihindi sex storePati hua aapni behan ki gaand ka diwana nanad ki hindi sexy storykahani kamukta नई सेकसी चुदाई कहानी kamuktsसेक्सी कहानी पड़नाबारिश में भीगी ब्रा और चुची