बहन की चूत का पानी पिया

0
Loading...

प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, में भी आप सभी की तरह कामुकता डॉट कॉम का चाहने वाला हूँ और आज में भी अपनी एक सच्ची घटना को सुनाने आया हूँ। दोस्तों में शहर से दूर एक फॉर्म हाउस में रहता हूँ और में मेरे घर के सदस्यों में सबसे छोटा हूँ मेरी दो बहन और एक भाई है। दोनों बहन मुझसे उम्र में बड़ी है। दोस्तों जब में छोटा था तभी से में मेरी बड़ी दीदी को बहुत देखता था में जब 8th क्लास में था तब एक बार मैंने मेरी दीदी को कपड़े बदलते हुए भी देखा था। वो उस समय ऊपर से बिल्कुल नंगी थी और उसके बूब्स बड़े बड़े थे। वो शायद 32 इंच के होंगे और तब वो कॉलेज के पहले साल में थी और तब से में उसको देखता था। उसकी गांड इतनी मस्त थी कि में क्या बताऊँ? इसलिए में हर कभी अपनी दीदी को याद करके मुठ मारता था और तभी से मैंने मन ही मन में सोच रखा था कि में एक दिन उसकी चुदाई ज़रूर करूंगा, लेकिन कभी मुझे ऐसा मौका ही नहीं मिला में हमेशा अपनी दीदी को घूरता और उसके बूब्स को देखता। एक दिन उसकी शादी हो गई, लेकिन में उसकी चुदाई नहीं कर सका और मेरी दीदी की शादी के करीब चार महीने बाद मेरे सभी घर वाले हमारे किसी रिश्तेदार की शादी में एक सप्ताह के लिए बाहर चले गये और में अपनी पढ़ाई की वजह से अकेला घर में रह गया, लेकिन जाते समय मेरी मम्मी ने मेरी दीदी को बुला लिया इसलिए मेरी दीदी उसी दिन अपने पति के साथ घर आ गई और में देखकर बहुत खुश था और कुछ देर रुकने के बाद मेरे जीजाजी वापस चले गए। फिर मैंने अब सोच लिया था कि एक सप्ताह के समय में अपनी दीदी की चुदाई किसी भी हालत में पूरी करूंगा और फिर जब में नहाने बाथरूम में गया तो मैंने जानबूझ कर अपने कपड़े साथ में नहीं ले गया और नहाने के बाद में सिर्फ़ गमछा पहनकर बाहर आ गया और मैंने दीदी से पूछा कि मेरे कपड़े कहाँ है?

तब दीदी ने मेरे कपड़े देखने लगी तो मैंने पहले से ही अपने गमछा में एक छेद कर लिया उससे अपने लंड को बाहर निकाल लिया जब दीदी ने आकर मेरी पेंटी मुझे दी तो मैंने उसको हाथ में लेकर कहा कि देखो इसमें तो चींटी लगी है और में चींटी निकालने लगा और उस समय मेरा सात इंच लंबा तना हुआ लंड दीदी की चूत को सलाम कर रहा था, दीदी ने उसको देखा और वो शरमाकर भाग गई। फिर कुछ देर बाद दीदी जब नहाने जा रही थी तो मैंने मेरे मोबाइल से अपने ही घर फोन किया और दीदी को कहा कि आपके लिए किसी का फोन आया है आप बात करो और दीदी जब फोन पर बात करने गई, तब मैंने बाथरूम में जाकर उसके सारे कपड़े में अपने साथ लेकर आ गया उसके बाद वो आकर नहाने लगी। जब दीदी नहा रही तब में बाथरूम के दरवाजे के नीचे से उनको नहाते हुए देखा रहा था दीदी ने कुछ देर बाद अपने सारे कपड़े उतार दिए सिर्फ़ पेंटी बची हुई थी दीदी के बूब्स मस्त बड़े आकार के थे और बूब्स के निप्पल अंगूर जैसे थे वो नहाने लगी जब उन्होंने सभी जगह साबुन लगा लिया उसके बाद वो अपनी पेंटी में हाथ को डालकर अपनी चूत पर भी साबुन लगाने लगी। शायद उन्होंने चूत के बल साफ नहीं किए थे इसलिए उसके साफ साफ नज़र आ रहे थे।

अब वो पानी डालकर नहाने लगी और थोड़ी देर बाद दीदी ने अपनी पेंटी में एक हाथ डालकर चूत को सहलाने लगी, तो में तुरंत समझ गया कि दीदी गरम हो गई है और चूत को सहलाते सहलाते कुछ देर बाद वो हांफने लगी और थोड़ी देर बाद दीदी ने अपनी ऊँगली को बाहर निकाला उससे लगा हुआ पानी वो चाट गयी नहाने के बाद वो टावल से अपने अंग को साफ करने लगी और उसी समय में वहां से चला गया। फिर कुछ देर के बाद दीदी ने मुझे आवाज़ देकर बुलाया तो में चला गया और तब दीदी मुझसे बोली कि मेरे कपड़े लाकर दे दो शायद में अंदर ही भूल आई। फिर में वापस आकर कपड़े देखने लगा, लेकिन मुझे नहीं मिले। फिर मैंने उनको कह दिया कि मुझे नहीं मिल रहे है आप बाहर आकर दूसरे पहन लो। तो दीदी बोली कि मेरे पास दूसरे कपड़े नहीं है पुराने सारे कपड़े मैंने धोने के लिए पानी में भिगो दिए है अब में क्या करूं? मैंने कहा कि आप गमछा लपेटकर बाहर आ जाओ। अब दीदी बाहर निकली तो मैंने देखा कि दीदी का पूरा बदन उस कपड़े से साफ नज़र आ रहा था इसलिए में दीदी को ही घूरकर देख रहा था। अब दीदी बोली कि मेरे कपड़े कहाँ है? में चुप रहा बस बूब्स को देखता रहा, दीदी रूम में चली गई में भी दीदी के पीछे पीछे चला गया। मुझे देखकर दीदी मुझसे बोली यहाँ क्या कर रहे हो? मैंने कहा कि में आपकी सुंदरता को देख रहा हूँ।

फिर मेरा वो जवाब सुनकर दीदी ने मुझसे गुस्से से कहा कि में तेरी बहन हूँ और यह बात कहकर एक ज़ोर का तमाचा मेरे गाल पर मारा और मुझे उन्होंने कमरे से बाहर निकाल दिया। अब में अपनी दीदी से नज़र नहीं मिला पा रहा था और में उनसे बात भी नहीं कर रहा था। फिर दो दिन बाद दीदी ने मुझसे कहा कि उनको गाड़ी चलाना सीखना है। तो मैंने उनसे कहा कि में नहीं सिखा सकता उसी समय दीदी मेरे पास आई और वो मुझे बड़े प्यार से समझाने लगी कि यह बात ग़लत है में तेरी बहन हूँ, लेकिन तभी मेरे मन में एक नया विचार आया और मैंने कहा कि हाँ ठीक है और में दीदी को गाड़ी सिखाने के लिए तैयार हो गया और फिर हम लोग एक खाली सुनसान सड़क पर गाड़ी को ले गए। वो सड़क साफ थी और दोपहर का समय होने की वजह से वहां से ज्यादा कोई नहीं निकलता। फिर मैंने जाने से पहले ही अपनी अंडरवियर को बाथरूम में उतार दिया था। अब मैंने दीदी को मेरे सीट पर बैठाया और में दीदी की सीट पर बैठ गया और उसके बाद मैंने दीदी को गाड़ी चलाने के लिए कहा। तो दीदी ने एकदम से गाड़ी को तेज गति से भगा दिया जिसकी वजह से दीदी डर गई और मैंने तुरंत ही हाथ वाला ब्रेक लगा दिया। तो दीदी ने कहा कि मुझसे नहीं होगा, मैंने दीदी से कहा कि आप दोबारा से कोशिश करो, लेकिन फिर से दीदी ने वैसे ही किया और दीदी बोली कि रहने दो मुझसे नहीं होगा। अब मैंने दीदी को मेरी सीट पर बैठाया और में दीदी की सीट पर बैठ गया। मैंने दीदी से कहा कि में कैसे चलाता हूँ आप वो ध्यान से देखो। फिर कुछ दूर जाने के बाद मैंने दीदी से कहा कि अब आप चलाओ तो दीदी नहीं मानी और तब मैंने उनसे कहा कि हम एक काम करते है, में यहीं पर बैठता हूँ आप मेरे सामने बैठ जाओ उन्होंने कहा कि ठीक है। फिर दीदी जब मेरी तरफ आकर बैठने लगी तो उससे पहले मैंने मेरी पेंट की चेन को खोल दिया और अपने लंड को बाहर निकालकर शर्ट से छुपा दिया, दीदी आज सलवार कमीज पहने हुए थी और वो जब आई तो मैंने उसको अपनी गोद में बैठा लिया और थोड़ा सा पीछे होते होते मैंने दीदी के कपड़ो को ऊपर कर दिया और साथ ही अपनी शर्ट को भी ऊपर कर दिया जिसकी वजह से जैसे ही दीदी मेरी गोद में बैठी तो मेरा लंड उसकी गांड को छूने लगा। अब दीदी ने एक बार पीछे मुड़कर भी देखा, लेकिन कुछ कहा नहीं, उसको लगा कि शायद मेरा लंड पेंट में होगा। मैंने दीदी को अच्छी तरह से जकड़ लिया जिसकी वजह से वो हिल ना सके। फिर गाड़ी को स्टार्ट किया और आगे चलने लगे।

दोस्तों मेरा लंड खड़ा होते होते उसकी गांड बड़े आराम से सहला रहा था, लेकिन दीदी फिर भी कुछ नहीं बोली वो बोलती भी तो क्या बोलती? कुछ देर बाद मैंने गाड़ी का स्टेरिंग दीदी के हाथ में दे दिया और कहा कि अब आप चलाओ और मैंने अपने दोनों हाथ उसकी जांघ पर रखे और में धीरे धीरे सहलाने लगा उसके बाद मैंने धीरे से स्पीड को बढ़ाना शुरू किया। अब दीदी से गाड़ी कंट्रोल नहीं हुई तो मैंने एकदम से ब्रेक मार दिया और अपने दोनों हाथ जानबूझ कर दीदी के बूब्स पर रख दिए और बूब्स को दबा दिया। मेरा लंड अब तक दीदी की चूत तक पहुंचने लगा था। फिर दीदी ने डरते हुए कहा कि अगर तुम सही समय पर ब्रेक नहीं लगाते तो हमारी गाड़ी रोड के नीचे चली जाती, मैंने हाँ कहा और दीदी के कुछ आगे बोलने के पहले ही मैंने ब्रा के ऊपर से निप्पल को ज़ोर से दबा दिया और झट से छोड़ भी दिया, उस समय दीदी ने आह भरी, लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा, मेरा लंड अब उनकी चूत को छू रहा था।

Loading...

फिर दीदी ने कहा कि चलो अब हम घर चलते है तब मैंने दीदी से कहा कि आप गाड़ी चलाओ तो दीदी नहीं मान रही थी। फिर भी जब मैंने बहुत बार उनसे कहा तब वो मान गई इसलिए वो वैसे ही बैठी रही। फिर मैंने गाड़ी को वापस अपने घर की तरफ घुमाया और उसके बाद दीदी को चलाने के लिए कहा और अब मैंने अपने हाथ को दीदी के पैर पर रख दिया और में धीरे से सहलाने लगा और सही मौका देखकर धीरे धीरे में अपनी कमर को भी आगे पीछे करने लगा, पैर सहलाते हुए में उसकी जांघ तक आ गया था, लेकिन उसके आगे चूत को हाथ लगाने की मेरी हिम्मत नहीं हुई, लेकिन मैंने महसूस किया कि अब तक दीदी गरम होने लगी थी और जब हम घर पहुंचने वाले थे तब मैंने कपड़ो के ऊपर से ही उनकी चूत को अपने एक हाथ की मदद से ज़ोर ज़ोर से सहला दिया और फिर हम घर पहुंच गए। फिर मैंने देखा कि दीदी कुछ भी ना बोलते तुरंत उतरकर सीधे भागते हुए बाथरूम में चली गई और जब मैंने पीछे से जाकर एक छोटे से छेद से अंदर झांककर देखा तो में एकदम चकित रह गया, क्योंकि वो अंदर खड़े खड़े अपनी चूत में उंगली डालकर अपनी चूत का पानी निकालने लगी और कुछ देर झड़ने के बाद चूत का पानी निकालकर ऊँगली को चाटने लगी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों यह सब देखने के बाद मैंने अमन ही मन में अब सोच लिया था कि दीदी अब मुझसे खुद ही अपनी चुदाई करने के लिए जरुर बोलेगी तब में इसकी जमकर चुदाई करूंगा। फिर रात को दीदी ने हम दोनों के लिए खाना बनाया और हम खाना खाकर टीवी देखने के बाद सो गए। उस रात को हमारे बीच कुछ नहीं हुआ और सवेरे जब दीदी सोकर उठी और वो झाड़ू लगाने लगी। मेरे रूम में आने से पहले ही मैंने अपनी पेंट को उतार दिया और अपने लंड को खड़ा करके में सोने का नाटक करने लगा और अपने मुहं पर मैंने कंबल को रख लिया, लेकिन उसके एक कोने से में देख रहा था कि दीदी क्या करती है? जब वो रूम में आई और उन्होंने कमरे की लाइट को चालू किया तो उसकी नज़र सीधे मेरे लंड पर पड़ी और मेरा लंड उसको देखकर पूरा तनकर खड़ा हो चुका था और वो उसको सलामी दे रहा था। फिर एक मिनट तक देखने के बाद वो रूम से बाहर जाने लगी। थोड़ी दूर जाने के बाद कुछ सोचकर वो फिर से वापस आ गई और उन्होंने मेरी तरफ़ देखा और वो फिर से वहीं पर खड़ी होकर मेरे लंड को देखने लगी। उसको लगा कि में अब तक सोया हुआ हूँ और थोड़ी देर बाद वो मेरे लंड को बिल्कुल पास से आकर देखने लगी, जिसकी वजह मेरा लंड और तन गया और कुछ देर देखने के बाद उसने झाड़ू लगाना शुरू किया और वो झाड़ू लगाने के बाद एक बार फिर से देखने लगी। फिर मैंने अपने एक हाथ को ले जाकर लंड की चमड़ी को नीचे कर दिया और लंड खड़ा करके उसको दिखाने लगा, जिसकी वजह से मेरा लंड पूरा लाल हो गया था और मेरे लाल लाल लंड को देखकर उसके मुहं से वाह निकल गया।

अब मैंने अपने लंड को आगे पीछे करना शुरू किया और तब उसको शक हुआ कि में जाग रहा हूँ बस सोने का नाटक कर रहा हूँ और वो चली गई। फिर उसके बाद में उठा और ब्रश करके जब चाय पी रहा था तब मैंने दीदी से पूछा क्या आपने झाड़ू लगा दिया? तो दीदी बोली कि हाँ, मैंने पूछा क्या मेरे रूम में लगा दिया? वो बोली कि हाँ लगा दिया, लेकिन तुम क्यों यह बात मुझसे पूछ रहे हो? मैंने कहा कि नहीं बस ऐसे ही। अब दीदी मुझसे पूछने लगी क्या रात को बहुत गरमी थी? मैंने कहा कि हाँ दीदी रात को बहुत गरमी थी, दीदी आपको कैसा लग रहा था? दीदी बोली कि हाँ कल बहुत गरमी थी। फिर में नहाकर तैयार हो गया और उसके बाद दीदी भी नहाने चली गयी तो में दीदी को नहाते हुए चोरी छिपे देख रहा था। मैंने देखा कि आज दीदी पूरी नंगी होकर नहा रही थी, लेकिन आज उसने अपनी चूत से पानी नहीं निकाला, लेकिन नहाने के बाद जब वो बाहर निकली तो मैंने देखा कि उसके एक हाथ में पेंटी ब्रा थी जिसका मतलब यह था कि आज उसने ब्रा और पेंटी नहीं पहनी थी, उसने सिर्फ़ सलवार और कमीज पहना था। हाँ दोस्तों मुझे पहले से ही पता था कि आज दीदी कौन सा सलवार सूट पहनने वाली है इसलिए मैंने उस सलवार को गांड के हिस्से पर थोड़ा सा फाड़ रखा था, लेकिन उसको इस बात का पता नहीं था और कुछ देर बाद खाना बनाते और खाते समय में उसकी बूब्स को ही देख रहा था। उसने आज चुन्नी भी नहीं डाली थी जिसकी वजह से उसके बड़े गले के सूट से निप्पल भी साफ नज़र आ रहे थे और उसकी हरकतों को देखने से लग रहा था कि आज वो मेरे ऊपर बहुत मेहरबान थी।

फिर जब दोपहर हुई तो मैंने दीदी से कहा कि चलो हम गाड़ी चलाते है और वो झट से मान गई और हम गाड़ी चलाने चले गए। फिर दीदी से मैंने कहा कि आज हम घर पर ही गार्डन में चलाते है। दोस्तों अगर चूत गरम होगी तो मुझे रास्ते में चोदना पड़ेगा और इस साली को में आज किसी भी हालत में चोदकर उसकी चूत का रस पीना चाहता था। मैंने आज शर्ट नहीं पहनी थी और में सिर्फ़ बनियान और पेंट में था। उसके अंदर अंडरवियर भी नहीं थी और हमारा गार्डन थोड़ा बड़ा था, जिसकी वजह से हम थोड़ा आराम से गाड़ी चला सकते थे। फिर दीदी मेरे पास वाली सीट पर बैठ गयी और में ड्राईवर की सीट पर और जब मैंने गार्डन में गाड़ी को ठीक जगह पर किया उसके बाद दीदी को कहा कि अब आप चलाए। फिर दीदी ने मुझसे कहा कि गार्डन छोटा है इसलिए मुझसे ब्रेक नहीं लगेगा तो? तो फिर क्या करना है दीदी? तब वो शरमाकर बोली कि कल जैसे बैठे थे वैसे ही आज भी बैठ जाते है, मैंने कहा कि हाँ ठीक है और फिर दीदी जब दरवाजा खोलकर मेरे पास आने लगी तब मैंने तुरंत ही अपनी पेंट की चेन को खोलकर अपने लंड को बाहर निकाल लिया और पेंट को थोड़ा सा नीचे भी सरका दिया और बनियान को भी ऊपर कर दिया, जब उसने दरवाजा खोला तो मेरा पूरा तना हुआ लंड अब उसके सामने था, लेकिन वो कुछ नहीं बोली एक मिनट मेरे तने हुए लंड को देखा और मेरे लंड के ऊपर बैठ गई और गाड़ी को स्टार्ट करने लगी। अब मैंने थोड़ा सा उसकी गांड को हिला दिया और उसकी फटी हुई सलवार से आने लंड को अंदर कर दिया और उसके दोनों पैरों को अपने पैरों के ऊपर ले लिया अब उसने गाड़ी को स्टार्ट किया और वो चलाने लगी में अपनी सेटिंग को जमा रहा था। थोड़ी देर के बाद मेरा लंड अब उसकी गांड के छेद को छू गया।

Loading...

अब मैंने ज़ोर से गाड़ी की स्पीड को बड़ा दिया, जिसकी वजह से गाड़ी तेज हुई और मैंने ज़ोर से ब्रेक मारा। मैंने उसकी कमर पकड़ रखी थी और ब्रेक मारते ही मेरा आधा लंड उसकी गांड में घुस गया। मैंने ब्रेक इतनी ज़ोर से मारा, जिसकी वजह से उसका पूरा ध्यान गाड़ी पर था और मेरा लंड उसकी गांड में था। थोड़ी देर बाद मैंने फिर से वैसा ही किया और अब मेरा पूरा लंड उसकी गांड में था, लेकिन वो कुछ नहीं बोली और थोड़ी देर बाद वो गरम होने लगी और मैंने गाड़ी को एक जगह पर खड़ी करके उसकी गांड को ऊपर नीचे करना शुरू किया। मेरे ऐसा करने की वजह से जैसे ही वो गरम हुई। तो मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और उससे कहा कि इसके आगे का काम घर में चलकर करते है और जब हम अंदर आए तो में तुरंत ही पूरा नंगा हो गया और मैंने बिना देर किए उसको भी नंगा कर दिया।

फिर में उसके बूब्स को दबाने लगा और बहुत देर तक बूब्स को ही सहलाता रहा और निप्पल को दबाता रहा। फिर उसके बाद मैंने नीचे आकर उसकी चूत को चाटना शुरू किया, जिसकी वजह से अब वो बहुत गरम हो चुकी थी और वो बोली कि अब बस करो और चूत में डाल दो, मैंने उससे पूछा क्या डालूं? तब वो बोली कि लंड डालो में समझ गया कि अब वो पूरी तरह से गरम हो चुकी है उसी समय में उससे बोला कि मेरी कुछ शर्ते है, वो तुम्हे माननी होगी तब में डालता हूँ। फिर वो पूछने लगी कैसी शर्त मुझे वो सब मंजूर है? मेरी पहली शर्त है कि तुम आज के बाद कभी भी मुझसे चुदाई करवाने के लिए ना नहीं कहोगी, बोलो मंजूर है? वो बोली हाँ मंजूर है। दूसरी शर्त में तुम्हे कहीं पर भी चोद सकता हूँ तुम ना नहीं कहोगी, बोलो मंजूर है? उसने कहा कि हाँ ठीक है। तीसरी शर्त तुम तुम्हारी देवरानी को भी मुझसे चुदवाओगी बोलो मंजूर है? वो सब ठीक है, लेकिन में अपनी देवरानी को कैसे उसकी चुदाई के लिए तैयार करूंगी? मैंने उससे कहा कि वो मुझे नहीं पता और इतना कहकर मैंने उसकी चूत में अपनी उंगली को डाल दिया तो वो बोली कि हाँ ठीक है बाबा ठीक है, अब तो डालो। फिर मैंने उससे कहा हाँ ठीक है अब में तेरी चुदाई करूंगा और फिर मैंने उसकी चूत को इतना जमकर चाटा कि वो दो बार झड़ चुकी थी।

फिर उसके बाद मैंने उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया तो वो दर्द से तड़पने लगी। शायद मेरा लंड ज्यादा मोटा था, लेकिन में उसके दर्द को देखे बिना ही तेज तेज धक्के लगाता रहा। फिर कुछ देर बाद उसको भी मज़ा आने लगा और जब में झड़ने वाला था तो मैंने अपने वीर्य को उसकी चूत के अंदर ही निकाल दिया और उसके बाद लंड को चूत से बाहर निकालकर उसके मुहं में जबरदस्ती डाल दिया, जिसको उसने चूसकर चाटकर दोबारा चुदाई के लिए खड़ा कर दिया। अब मैंने एक बार फिर से उसकी गांड मारी और हम कुछ देर के बाद थककर सो गए और जब हम उठे तो रात के आठ बज चुके थे। वो बेड से उठ नहीं सकी क्योंकि उसकी चूत में अब भी दर्द हो रहा था। फिर रात को हमने खाना खाया और एक बार फिर से में उसकी चुदाई के लिए कहने लगा, लेकिन वो नहीं मानी तब मैंने उससे बोला कि तुमने मुझसे आज वादा किया है। अब वो बोली आज नहीं प्लीज तो में उससे बोला कि ठीक है मुहं में ले लो तो वो दोबारा मना कर रही थी और कहने लगी कि पहले भी मुहं में लिया जिसकी वजह से मेरा मुहं दर्द हो रहा है आज रहने दो सब कुछ कल से करना, आज आराम करो और सो जाओ।

अब मैंने जबरदस्ती उसके मुहं में अपने लंड को डाल दिया और हल्के हल्के धक्के देकर चोदने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद में झड़ गया और वो मेरा सारा वीर्य पी गई और हम दोनों सो गए। फिर दूसरे दिन सुबह जब वो रसोई में रोटी बना रही थी तो मैंने पीछे से आकर अपने मुहं को नीचे करके में उसकी चूत को चाटने लगा, उसने बहुत मना किया, लेकिन में नहीं माना और आख़िरकार मैंने उसकी चूत का पानी पी लिया ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!


mammey.k.kahne.se.baaji.ko.chodaindian sax storysexy stotyससुर और बहु एक ही बेड पर कमरे मे सेकसी विङियोजीजा के बहन को उसका सार औरदीदी और जीजा किसेकस कहानीmummy Randi apne Saheli ke saath baniसोती चाची की चूत टटोलता बिडियोDadi or dada ki xx story in hindiचुदाई कथा Boshindi sex storyवो मेरी चूत चाटकर चला गयाma ki majburi ka fyada story xxxsgallu ki sex kahaniyaबेटा मेरी गांड मत मारो मै तुम्हारी मम्मी हु सेक्स स्टोरीजमम्मी ने खाना बनाते चुत चुदाई सेक्स स्टोरी हिंदीमाँ की चूत से छप-छपमाँ को नींद में तेल लगाकर चोदा कहानीbubs peenaसगी बहन को नींद की गोली देकर साथ किया सेकसी कहानीयाँपापा के दोस्तो की रंडी बनीsexy story didi ke saath saath uske sas ko chodkar garvawati kiyaउसने मेरी चूत की जबरदस्त चुदाई कीमम्मी आज तो पूरे दिन चूदनाsasu maa damad chodai 30minet odaio storyबड़ी दीदी रात को चिपक कर सोती है कहानीkamukta sex storiesvabi ko rat me chod ke swarg dekhiakamukata hindi comchudai ki story rikshewale uncle ne maa Ko choda raat meझाटों से भरी गांड के फोटोमा के कुता चेदा बेटा देखाsagi bhabi ko nhati dekhakamukthaChachi nai ghar mai blouse nahi pahanaDono ko chodkar MAA banaya storiesGayatri ki chudayi ki kahaniमेरी माँ को मैंने गली गली चुदते देखा अंकल और दोस्तों सेमाँ की चुत सोते समय पर बेटा लेता हैchudai ke liye badi mushkil se land mila mast.chudaistorihindi sexy story hindi sexy story38 28 38 shadi k bad Didi ki chudaiमाँ को मैने चोदागांड लूँगा आज तोहिन्दी सैक्सी कहानी डोट कोमतीन अंकलो ने मिलकर मुझे चोदाबहन को नदी पर कपडा धोने के बाद चोदा कहानियाँdidi aur mausi ki chootSexistoryaudiomaasexy khaniyaभैया से रोजाना चुदने की मजबूरीwww.dodh bali chachi ki storydesi hindi raj sharma bua chachi maa didi ka doodh chusa hindi kaamuk sex storychutme dalo devarji basहिदी सैकसी चुदाई कहानी पहली बार चोदकर रोने लगीbate se Pahli chudae storiतरसती चूत दो लोगdesi kamuktasex khani hindeबहन के चुत का लावाम्मी ने कहा बच्चों चुदाईHindi sxey storrsmera bada land vinita and sunita ke sath sex storyJor Jor Sa Palo Raja chudai sex Hindi aawaj me new hindi sexy story comkamuktahindistoriesmujhe aap ka doodh peena h didi pleaseदिन में तीन तीन बार चेदते है फिर भी गाड मे डाल दिए लंडमाँ को चोदकर खुश कियावो लङकी मेरे को ऊपर चलने का ईशारा किया sexstoryhimdiलंड कैसे हिलाये बुरी तरह सेनोकरानी काजल की चुदाईMaine apni maa ko nagi dhkh liyaदीदी के नरम नरम बोबो फरदोस्त की प्यासी मम्मी की हिन्दी नयी कहानियोंMaa ko kitchen m subah subah khde khade choda storyहिंदी सेकस कहानियाvo sota hua gand marvana chahti thiWww.com काहानिया सेकशिचूची दबा दीदीदी लडं पिछे डलवानाhindi sex story downloadSex mausi ki blouse sex kahani kamuktaxkhani bhen ko Scotty sikhate huaa chudaiSonam dodh piya sex kahni sex sexy kahanisex bariso me cudai stoKamukta newjaise hi mene land dala bo kasmasa uthi sex story hindiXxx कहानियाँ भाभी के साथ सुहागरात और घमासान चुदायीभाभी की महक ने लैंड खड़ा करदियाbhabi bcch vidva sexy khani hindiKaam ras ki Hindi khaniyasexymodele banene ke bahane chodaiफुसफुसा कर ब्रा खोलkali didi ka doodh piyaDevrani ke sath mastiगाड मे लंड डाल के चूत मै दीया