लंड की समस्या का कमाल – 2

0
Loading...

प्रेषक : नीरज

“लंड की समस्या का कमाल – 1” से आगे की कहानी..

तो दोस्तों फिर आंटी ने इतना ज़ोर ज़ोर से मेरा लंड चूसा कि मेरा वीर्य तो एक मिनट में ही निकल गया और मैंने अपना वीर्य उनके मुहं में ही छोड़ दिया.. वो पूरा पी गयी और कुछ बोली भी नहीं.. वो मेरे लंड को और चूसना चाहती थी। लेकिन एक बार वीर्य निकलने के बाद लंड कहाँ खड़ा रहता है और वो थोड़ा मायूस सी हो गयी। मैंने कहा कि थोड़ा सा रुक जाओ और मैंने उन्हे खड़ा किया और उनके बूब्स को दबाने लगा.. उनके बूब्स इतने मस्त और बड़े लग रहे थे कि क्या बताऊँ? वो लगभग 38 साईज़ के तो जरूर होंगे और उनके निप्पल खड़े हो गए थे। फिर मैंने दोनों बूब्स के बीच में जो लाईन बन रही थी उसमें पूरा सर घुसा दिया और बूब्स का थोड़ा सा हिस्सा जो मुहं से सट रहा था उसे चाटने लगा और उनके बूब्स को इतना चाटा और चूसा कि वो गीली हो गयी और आंटी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी.. क्योंकि इतना करते करते मेरा लंड 3-4 मिनट में फिर से खड़ा हो गया। तो आंटी ने फिर से लंड को हाथ में लिया और हिलाने लगी। मैंने उन्हें थोड़ा रुकने को कहा और कहा कि थोड़ा सा इंतजार करो और मज़ा आने वाला है और वो रुक गयी। फिर में नीचे झुककर उनकी नाभि को चाट रहा था और चाटते हुए उनके पेटीकोट की तरफ बढ़ा और मैंने पेटीकोट को खोल दिया.. उनका पेटीकोट एकदम नीचे सरक गया। अब वो काली कलर की पेंटी में चिकनी टाँगों के साथ खड़ी थी। फिर मैंने उन्हे पास में रखे बेड पर लेटा दिया और उनके पैरों को सहलाने लगा और उनके पैरों को किस करता हुआ में उनकी जांघ की तरफ बढ़ा और जांघ पर बेशुमार किस करके फिर से नीचे पैर की तरफ चला गया। अब आंटी बहुत छटपटा रही थी और सिसकियाँ लेने लगी जिससे मुझे भी लगा कि पहली बार में बहुत अच्छा कर रहा हूँ। फिर में उनके पैरों को चाटने लगा और चाटते हुए उनकी जांघ की तरफ बढ़ा और जांघ पर तो इतना चाटा कि आंटी ने मेरा सर पकड़कर ज़बरदस्ती चूत की तरफ मुहं घुमा दिया और पेंटी के ऊपर से ही मेरे मुहं को अपने चूत में घुसाने लगी। मेरी नाक थोड़ी लंबी है तो आसानी से पेंटी होने के बावजूद उनकी चूत के होंठ में घुसने लगी और वो अपनी चूत में लगातार मेरे मुहं को कसकर दबाने लगी।

मैंने धीरे धीरे पेंटी के ऊपर से चूत को चाटना शुरू किया और आंटी की पेंटी उनकी चूत के रस की वजह से पहले से भीग गई थी। फिर में ज़ोर ज़ोर से पेंटी के ऊपर से चूत चाटने लगा और जो रस पेंटी में लगा हुआ था उसकी खुश्बू बड़ी अजीब थी और टेस्ट भी अजीब था.. लेकिन अच्छा लग रहा था। फिर मैंने एक हाथ आंटी के बूब्स को दबाने में लगा दिया और एक हाथ को आंटी की चूत को पेंटी के ऊपर से रगड़ने में लगा दिया। फिर मैंने उसी हाथ से आंटी की गांड भी बहुत दबाई और पेंटी के ऊपर से गांड में उंगली डालने की भी कोशिश की और वहाँ पर सहलाता रहा। आंटी अब पागल हो गयी और बोल पड़ी कि कब चोदेगा? तो मैंने रुकने को कहा और कहा कि मज़ा तो अभी आना चालू हुआ है। मैंने आंटी की तरफ अपना लंड बड़ाया तो वो झपट पड़ी और लंड मुहं में लेकर चूसने लगी और आंटी एकदम पागलों की तरह चूस रही थी।

फिर दो मिनट के बाद मैंने फिर से आंटी के मुहं में ही वीर्य छोड़ दिया और आंटी बड़े आराम से और मज़े से उसे पी गयी और में आंटी के बूब्स की तरफ बड़ा और उनके बूब्स को चूसने लगा। दोस्तों.. मुझे किसी औरत या लड़की में सबसे ज़्यादा उसके बूब्स पसंद है फिर उसकी गांड और फिर चूत.. बूब्स को देखकर में अब पागल हो गया और ऐसे बूब्स चूस रहा था जैसे कोई बच्चा दूध पीता हो। अब आंटी के निप्पल कड़क हो गये और बूब्स एकदम टाईट थे और बूब्स को चूसते चूसते लगभग 15 मिनट हो गये और मेरा लंड फिर से खड़ा हो चुका था। आंटी ने भी मेरा सर कसकर अपने बूब्स में दबा रखा था और अब आंटी बोल पड़ी कि दो घंटे होने को है.. क्या अगले साल चोदेगा? तो मैंने भी सोचा कि दो घंटे हो गए.. अब कॉलोनी की सारी आंटी एक जगह मिलती हैं अगर लेट हो गया तो कोई यहाँ आंटी को बुलाने ना आ जाए? फिर मैंने घड़ी देखी अभी 4 बजे का समय हो रहा था और मैंने सोचा कि अभी 2 घंटे बाकी हैं और इतनी देर में तो मस्त चुदाई हो जाएगी।

फिर में उनकी पेंटी की तरफ बड़ा और उसको ऊपर से हल्का चाटने के बाद मैंने उसे खींचकर खोल दिया.. आंटी की चूत पर हल्के हल्के बाल थे और चूत देखने में एकदम मस्त थी और चिपचिपी लग रही थी। पहले मैंने अपने सीधे हाथ को धीरे से उनकी चूत पर रखा और सहलाने लगा और धीरे से एक उंगली उनकी चूत में घुसा दी.. उन्होंने हल्के से आअहह उईई माँ किया और शांत होकर अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया और अपने एक बूब्स को दबाने लगी। मैं उनकी चूत में ज़ोर ज़ोर से उंगली डालने लगा और धीरे धीरे उनकी आवाज़ भी आने लगी आहहाआहह चलो अब चोदो आआहह मुझे और मैंने उनकी चूत में एक और उंगली घुसा दी और जब मैंने दोनों उंगलियों से ज़ोर लगा दिया तो उनके मुहं से आवाज़ आअहहहह निकलने लगी। फिर थोड़ी देर तक ऐसा ही करता रहा और फिर मैंने उनकी चूत में तीसरी उंगली भी घुसा दी और वो मज़े से आअहहहह करने लगी और अब मैंने तीनों उंगलियों से ज़ोर लगाया। फिर मैंने तीनो उंगली निकालकर सिर्फ़ अब छोटी उंगली को घुसा दिया और अब एक हाथ से उनकी चूत को ऊपर से हिलाने लगा और अब वो एकदम कंट्रोल नहीं कर पा रही थी और ज़ोर ज़ोर से आवाज़ करने लगी.. लेकिन मैंने अपने हाथों को नहीं रोका। फिर में धीरे धीरे 69 पोज़िशन में उनके ऊपर चड गया और उनके मुहं में लंड देकर उन्हे चुप करा दिया और उनकी चूत में अपनी एक हाथ की उंगली को अंदर बाहर कर रहा था और दूसरे हाथ से उनकी चूत को ज़ोर ज़ोर से सहला रहा था। फिर वो मेरे लंड को चूसने लगी तो मैंने उनसे चूसने के लिए मना करते हुए कहा कि लंड थोड़ा दर्द कर रहा है और उन्होंने थोड़ी देर तक बस मेरे खड़े लंड को मुहं में ही रखा, चूसा नहीं और मैंने उनके मुहं में लंड इसलिए डाला ताकि आवाज़ नहीं निकले।

फिर वो थोड़ी देर रुकी रही.. लेकिन अब मैंने उंगलियों और हाथों को हटाकर अपना मुहं उसमें लगा दिया.. उनकी चूत से अजीब सी खुशबू आ रही थी और उस खुशबू से में मदहोश हो गया और उनकी गीली चूत को चाटने लगा और उनकी चूत को जैसे ही चाटना शुरू किया तो उसने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया और वो मेरे लंड को चूस रही हैं मुझे एहसास भी नहीं हुआ क्योंकि में चूत चाटने में एकदम मग्न था। फिर मैंने चूत के अंदर अपनी जीभ को घुसा दिया और चाटने लगा। अचानक से 4 मिनट के बाद जब मैंने उनके मुहं में फिर अपना वीर्य छोड़ दिया और मैंने अपना लंड आंटी के मुहं से बाहर निकाल दिया। तो उस दिन मुझे समझ में आया कि औरत के अंदर मर्द से 9 गुना ज़्यादा सेक्स करने की इच्छा होती है और उनको पूरी तरह संतुष्ट करना इतना आसान नहीं होता। फिर मैंने सोचा कि मेरा लंड तो बहुत दर्द कर रहा है और में आंटी को संतुष्ट कैसे कर पाऊंगा? तब मैंने सोचा कि थोड़ी देर रुक जाता हूँ।

फिर में उठकर बैठ गया और उनके पैरों को फैलाकर उनकी चूत को चाटने लगा और चूत को चाटने के साथ साथ उसमें जबरदस्त उंगली करने लगा और दूसरे हाथ से चूत को सहलाता और कभी फैलाता.. इतना करते करते लगभाग 10 मिनट के बाद आंटी अचानक से उठी और मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरे सर को अपनी चूत में कसकर अपने हाथ से दबाने लगी। तब में समझ गया कि अब आंटी का वीर्य भी छूटने वाला है और मैंने चूत को चाटने की स्पीड और बड़ा दी और फिर थोड़ी देर बाद आंटी ज़ोर ज़ोर से आवाज़ करने लगी.. अहह अब चोदो मुझे.. प्लीज चोदो मुझे आअहह आआए आआअम्म आअहह और उसके बाद मुझे कसकर जकड़ लिया और मेरी पीठ पर अपनी उंगलियों को ज़ोर से गड़ा दिया और में उनकी चूत को अभी भी चाट रहा था। तो अचानक से उनकी चूत से पानी निकलने लगा में और उंगली करता रहा.. ढेर सारा रस निकल रहा था। फिर मैंने सोचा कि हल्का सा टेस्ट कर लूँ और टेस्ट किया तो वो बड़ा अजीब लगा.. लेकिन में भी कहाँ होश में था और कसकर चाटने लगा। फिर थोड़ी देर बाद आंटी ने बहुत अच्छी सी स्माइल दी और में आंटी के पास में लेट गया और उनके बूब्स को फिर चाटने लगा और चूसने लगा। तभी थोड़ी देर बाद मेरा ध्यान आंटी की गांड की तरफ गया.. पूरी कॉलोनी में सारी आंटियों की गांड में से सबसे मस्त और सबसे ज़्यादा बड़ी, सुडोल, टाईट और चौड़ी है। उनकी गांड को देखकर रहा नहीं गया और में दोनों हाथों से उनकी गांड को दबाने लगा और फिर चाटने भी लगा और मेरा लंड फिर से खड़ा तो हो चुका था.. लेकिन थोड़ा दर्द कर रहा था और अगर दर्द नहीं हो रहा होता तो में आंटी की गांड को उसी समय चोदता। फिर में थोड़ी देर उनकी गांड के साथ मज़े करने के बाद उनके साथ लेट गया और उनके ऊपर लेटकर मैंने उनकी चूत में अपना लंड नहीं घुसाया बस बाहर रखा और उनके बूब्स को चूसने लगा। तो थोड़ी देर बाद आंटी की चूत की लाईन पर मैंने बस हल्के से लंड रखा.. लेकिन अंदर नहीं घुसाया और उनके बूब्स को दबाता रहा और चूसता रहा और अब आंटी इतना गरम हो गई थी कि वो बोल पड़ी कि प्लीज़ अब अंदर घुसा दो.. प्लीज ऐसे मत करो ना.. प्लीज़ घुसा दो.. लेकिन जब मुझे बूब्स मिले हो तो में कहाँ उनकी बात पर ध्यान दे पता। में तो बस उनके बूब्स को चूस रहा था.. लेकिन उनकी चूत इतनी गीली थी कि मेरे लंड का सुपाड़ा धीरे से उनकी चूत की लाईन में घुस गया और वो एकदम तड़प उठी और फिर से बोलने लगी कि प्लीज़ चोदो.. मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा है। तब भी मैंने उनकी नहीं सुनी.. में बस बूब्स को चूस रहा था और उन्होंने मेरे सर को बाल से पकड़ कर खींचा और मुझे बोली कि प्लीज़ छोड़ो क्या बूब्स ही चूसते रहोगे? और जिस काम के लिए शुरू में मरे जा रहे थे.. वो करना है या नहीं? प्लीज चोदो ना मुझे.. अब नहीं रहा जाएगा।

Loading...

मैंने एक हल्का सा झटका दिया और मेरा लंड उनकी चूत के अंदर आसानी से आधा घुस गया.. क्योंकि एक तो उनकी चूत पूरी तरह से गीली थी और अंकल का लंड भी बहुत मोटा होगा.. क्योंकि मुझे उनकी चूत ज़्यादा टाईट नहीं लगी और जैसे ही मेरा लंड घुसा तो वो आहह अहह उह्ह्ह करने लगी.. लेकिन बड़ी धीरे से। फिर मैंने उनकी चूत में दम लगाकर पूरा लंड डाल दिया और वो अब थोड़ी ज़ोर से बोल पड़ी आआहह आईईईइ और में ज़ोर ज़ोर के झटके लगाने लगा और वो भी हल्के हल्के आवाज़ करने लगी। फिर मुझे उनकी आवाज़ से लगा कि उन्हे ज़्यादा मज़ा नहीं आ रहा है.. तब मैंने उनसे पूछा कि क्या अंकल का लंड मेरे से ज़्यादा अच्छा है? तो उन्होंने कहा कि तुम्हारे लंड से थोड़ा मोटा है.. लेकिन साईज़ में छोटा है। तो मुझे थोड़ा अच्छा लगा फिर मैंने थोड़ी स्पीड और बड़ाई और बड़ाते हुए पूछा कि लगता है आप ऐसे संतुष्ट नहीं होंगी? तो आंटी ने पूछा कि क्यों? मुझे तो मज़ा आ रहा है। तो मैंने कहा कि लेकिन मुझे लग नहीं रहा और मैंने ज़ोर के झटके लगाने शुरू कर दिए और जमकर लंड को अंदर बाहर करने लगा और में पूरी तरह से लंड को उनकी चूत में कसकर रगड़ रहा था और जब में उनकी चूत की चुदाई कर रहा था तो थोड़ी देर के लिए मैंने उन्हें किस किया और थोड़ी देर उनके बूब्स को चूसा।

Loading...

फिर में ज़ोर ज़ोर के झटके लगाने लगा और आंटी भी आहह्ह्ह उह्ह्ह करती रही और 4 मिनट के अंदर ही मैंने वीर्य छोड़ दिया और वीर्य को आंटी की चूत के अंदर ही डाल दिया। तो मैंने आंटी से पूछा कि आंटी आपको कुछ होगा तो नहीं ना? तो आंटी ने पूछा कि क्या? तो मैंने कहा कि कहीं आप प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाओगे? तो वो हँसने लगी और मुझे पागल बोलकर अपनी चूत फैलाकर इशारा करने लगी कि वो अभी शांत नहीं हुई है। मैंने अपनी एक हाथ की दो उंगलियाँ उनकी चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा और जब में यह कर रहा था तब आंटी की चूत में से मेरा वीर्य भी थोड़ा सा मेरे हाथ में लग गया था और में फिर ज़ोर ज़ोर से उंगलियों को अंदर बाहर करने लगा और दूसरे हाथ से चूत की लाईन के ऊपर सहलाता और कभी उस लाईन को फैलाता। आंटी अब फिर ज़ोर ज़ोर से आवाज़ कर रही थी और पूरे जोश में थी और लगभग 15 मिनट के बाद आंटी ने फिर से उसी तरह किया जैसे पहली बार किया था.. जब उनका वीर्य निकलने वाला था तो में समझ गया कि आंटी का वीर्य अब निकलने वाला है। तो आंटी ने फिर से मेरे बदन को कसकर जकड़ लिया और में उंगली करता रहा। आंटी ने इतने ज़ोर से जकड़ा कि मेरी पीठ पर उंगलियों के नाख़ून गाड़ा दिए और बहुत ज़ोर से आह्ह्ह करते हुए अपने वीर्य को छोड़ दिया और फिर अह्ह्ह्हउह्ह्ह की आवाज़ निकालते हुए शांत होने लगी और में उनकी चूत को फिर से चाटने लगा.. क्योंकि मुझे पिछले बार का टेस्ट अच्छा लगा था और फिर उन्होंने मुझे चेहरे से उठाकर मुझसे स्मूच करने लगी और कहने लगी कि तुमने जो कहा था सच में वो ही किया.. मुझे पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया। तुम्हारे अंकल भी कभी ऐसा नहीं कर पाते.. लेकिन तुम ने सच में अपना वादा निभाया। तो मैंने कसकर स्मूच करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि मैंने आपको अभी ठीक तरह से संतुष्ट नहीं किया.. लेकिन करना जरूर चाहता हूँ और इसलिए में आपकी गांड जो कि मुझे बहुत पसंद है.. में उसे मारना चाहता हूँ.. क्योंकि जब मैंने आपकी चूत में लंड डाला था तब आप उतना मज़ा नहीं कर पाई और वो जब तक कुछ कहती मैंने उन्हें घुमा दिया और उनकी गांड को सहलाने लगा और मैंने उन्हें फिर डॉगी स्टाईल में सेट कर दिया। फिर इतने में वो बोल पड़ी कि देखो अंकल बहुत कम करते है और ऐसा उन्होंने शायद हमारी शादी के बाद 5-6 बार किया.. इसलिए मेरी गांड बहुत टाईट है और इसमें बहुत दर्द होगा।

फिर मैंने कहा कि वही तो में चाहता हूँ और मैंने धीरे से उनकी गांड पर अपने लंड को रख दिया जो कि अब तक खड़ा हो चुका था और मेरे लंड में बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा था। फिर मैंने सोचा कि दर्द जितना चाहे हो.. लेकिन मुझे यह मौका फिर नहीं मिलेगा और मैंने अपने लंड की चमड़ी को हटाया और लंड के सुपाड़े को उनकी गांड के छेद पर रखा और मैंने देखा कि उनकी गांड पर भी हल्के हल्के बाल थे और उन बालों को हटाकर सुपाड़ा उनके छेद पर टिकाया। आंटी बोली कि बहुत दर्द होगा.. हल्का सा तेल लगा लो और मैंने उनकी गांड को दोनों हाथों से फैला दिया और लंड को घुसाने की कोशिश की.. लेकिन बहुत दिक्कत हो रही थी और मेरा लंड दर्द भी कर रहा था और मैंने फिर से घुसाने की कोशिश की तो लंड का टोपा अन्दर घुस गया और आंटी ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी आआहा आईईईईइ आआअहह बहुत दर्द हो रहा है.. प्लीज मत घुसाओ, बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने अपने लंड को घुसाने की बहुत कोशिश की.. लेकिन अंदर नहीं गया। मैंने फिर ट्राई किया.. लेकिन नहीं हुआ और मैंने सोचा कि थोड़ा तेल लगा ही लेता हूँ।

मैंने लंड को बाहर निकाला और तेल लेकर आंटी से कहा कि थोड़ा सा मेरे लंड पर मालिश कर दो.. आंटी की गांड की थोड़ी सी गंदगी भी लग गयी थी और उसको धोने के बाद आंटी ने अच्छे से तेल लगाकर मालिश कर दी। फिर मैंने आंटी को घुमाया और फिर आंटी की गांड को हाथों से फैलाकर गांड के छेद पर फिर से लंड टिकाया और फिर तेल को लेकर उनकी गांड के छेद पर हल्का सा तेल गिरा दिया। तो आंटी ने पीछे देखकर कहा कि यह क्या कर रहे हो? मैंने कहा कि बस देखते जाओ और आंटी की गांड के छेद को दोनों हाथों से चौड़ा करते हुए लंड को घुसा दिया.. पहले लंड का सुपाड़ा घुसा और दबाव लगाने के बाद आधा लंड घुस गया और आंटी ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी आआआहह अरे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज इसे बाहर निकाल दे.. बर्दाश्त नहीं हो रहा अह्ह्ह उईई माँ मरी।

फिर मैंने हल्का सा लंड को पीछे खींचा और एक ज़ोर से झटका दिया और पूरा लंड घुसा दिया। अब तो आंटी ने बवाल ही मचा दिया और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी.. आअहह बहुत दर्द हो रहा है हरामी इसे बाहर निकाल दे प्लीज़.. आआआहह। तो मैंने अपने लंड को थोड़ी देर घुसा हुआ छोड़ दिया और उन पर लेटकर उन्हें पीठ पर किस करने लगा और जब मेरा लंड अंदर घुस रहा था तब मुझे एहसास हो रहा था कि मेरे लंड की पूरी चमड़ी उतर गई है और मुझे लंड पर एक जलन सी महसूस हो रही थी। लेकिन मैंने अपने लंड को घुसाए रखा आंटी थोड़ी देर तक आवाज़ करती रही फिर में उनके चेहरे को पीछे घुमाकर स्मूच करने लगा और उनके बूब्स को दबाने लगा। लगभग 3 मिनट के बाद मैंने गांड के छेद पर लंड के चारो तरफ से हल्का तेल डाल दिया और आंटी को कहा कि अब आएगा आपको असली चुदाई का मज़ा और लंड को अंदर बाहर करने लगा.. में तेल की वजह से बहुत स्पीड में अंदर बाहर कर रहा था। फिर मैंने लंड को धीरे धीरे घुसाया और धीरे धीरे निकाला और में थोड़ी देर इस तरह करता रहा। उसके बाद मैंने थोड़ी ज़ोर ज़ोर के झटके भी लगाए। अब इतनी देर के बाद लंड अब ठीक से घुसता और निकलता.. लेकिन गांड अभी भी टाईट ही थी.. लेकिन में ज़ोर ज़ोर से लंड अंदर बाहर करता रहा और आंटी को अब कम दर्द हो रहा था.. लेकिन फिर भी बहुत ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी.. आआह्ह्ह उह्ह्ह और में भी मज़े में बहुत देर तक अंदर बाहर करता रहा और उसके बाद 6 मिनट के बाद मैंने फिर अपना वीर्य उनकी गांड के अंदर ही छोड़ दिया.. लेकिन इस बार लंड पर इतना दर्द हुआ कि में बता नहीं सकता था।

फिर मैंने गांड से लंड को बाहर निकाला और लेट गया और आंटी भी पास में आकर लेट गयी। आंटी ने फिर मुझे बड़े प्यार से कुछ किस किए और फिर एक प्यारा सा स्मूच किया और धन्यवाद भी कहा। में और वो इतना थक चुके थे कि वहीं पर नंगे ही सो गये और थकते कैसे नहीं? हमारी 30 मिनट से चुदाई चल रही थी और में तो इतना थक गया कि मुझे बिल्कुल भी होश नहीं था.. बस मैंने उनके बूब्स को पकड़ा और चूसते चूसते सो गया। में फिर रात को लगभग 10 बजे उठा और मैंने देखा कि आंटी किचन में खाना बना रही थी.. उन्होंने कपड़े पहन लिए थे और बहुत खुश लग रही थी। में उनके पास गया तो उन्होंने कहा कि अब तो कपड़े पहन लो और अब तो खुश हो? तो मैंने उन्हे पीछे से कसकर पकड़ लिया और पूछा कि आप खुश हो या नहीं? वो कुछ नहीं बोली और इतने में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था और उनकी गांड को छू रहा था और हमारे बीच में बस साड़ी थी और मैंने हाथों से उनके बूब्स दबाना शुरू कर दिए। तो उन्होंने कहा कि रूको और मैंने पूछा कि आपको कैसा लगा? तो उन्होंने मुझे किस करते हुए कहा कि मुझे इतना अच्छा आज तक नहीं लगा और थोड़ी ताकत बचाकर रखो.. अभी अंकल को आने में तीन दिन और हैं।

फिर उनकी इस बात पर में बहुत खुश हुआ और उन्हे स्मूच करने लगा और उनके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और स्मूच करते हुए हाथ पीछे करके उनकी गांड को भी मसलने लगा। मेरा लंड बहुत दर्द कर रहा था। फिर उन्होंने थोड़ी देर बाद कहा कि अब जाकर कपड़े पहन लो और खाना खा लो.. उन्होंने रात को दूध, पिस्ता, बादाम खिलाया और कहा कि कल दिन में फिर ऐश करेंगे.. इसलिए दूध पीकर थोड़ी ताक़त ले लो। फिर रात में हम लोगों ने कुछ नहीं किया.. बस साथ में नंगे सोए और में बस उनके बूब्स को चूसता रहा और उनकी चूत में उंगली की और उनकी चूत चाटी। लेकिन आंटी को अपने आप पर इतना कंट्रोल था कि उन्होंने मेरे लंड को बिल्कुल भी नहीं चूसा और जब मैंने पूछा तो उन्होंने कहा कि एक तो तुम दुबले पतले हो और आज इतनी बार तुम्हारा वीर्य निकला.. अगर और निकाल दिया तो तुम्हारी तबीयत खराब हो जाएगी और तुम तीन दिन तक कुछ भी नहीं कर पाओगे और हम नंगे ही सो गये। रात भर में उनके बूब्स को चूसता रहा और उनकी चूत में उंगली डालता रहा.. मुझे तो रात भर नींद नहीं आई। दोस्तों.. अगर कोई औरत जिसे आप हमेशा से चोदना चाहते हो और वो अगर साथ में नंगी सोए तो नींद क्या खाक आएगी। में सुबह तक उनके बूब्स को चूसता रहा और सुबह उठकर उन्होंने कहा कि क्यों तुम्हे चूचियाँ बहुत पसंद है ना? तो मैंने चूचियों को चूसते हुए हाँ कहा और गांड भी मसलने लगा। फिर वो उठकर नहाने के लिए चली गयी.. क्योंकि उन्हें स्कूल जाना था। उन्होंने मुझे दूध पीने को कहा और दिनभर पिस्ता, बादाम भी खाने को कहा और उस दिन में बहुत खुश था और सारे दिन अच्छी अच्छी चीजे खाई और दूध पिया और अच्छी तरह सोया और आने वाले तीन दिन मैंने उनकी जमकर चुदाई की और उन्होंने मुझे कई नयी तरह की पोजिशन में चोदने को कहा और में कई तरह के सेक्स तरीके सीख गया। कई बार हम साथ में नहाए। मुझे उनके बूब्स को चूसने और गांड को दबाने में बहुत मज़ा आया और उनकी चूत को चाटने में और रस पीने में भी बहुत अच्छा लगा। उस दौरान उन्होंने मेरी सेहत का बहुत ख्याल रखा और अब तो कभी भी मौका मिलता है तो में उनको संतुष्ट करने चला जाता हूँ या यूँ समझो कि अपने आप को संतुष्ट करने चला जाता हूँ।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!


sabke samne nenga kar jabardasti chodasexy sto daadiचमेली भाभी और ननद की चुदवाया सेकसी इसटोरीIski mummy uske sathपहली बार चदाई करना सिखायाभाई ने बहन बदल कर चुदाई किबाप और बेटे मिलकर मा को चोदाsexistori bahu ki vasnahindi sexy kahaniya newभाई ने पेंटी पहनीhidi sax storyऔरत को अपने लंड का गुलाम बना कर चोदाभाभी रात को नंगी सोती हे चौद डालाbgale bubssexsi masacha video dhud nikalne valeकाली कलूटी चूत चोदी मजे सेमाँ बोली चुत लड डाल के सोनाsex new story in hindiनहाते हुए माँ की चुत मे लड की सलामी कर चौदाBiwi ki chudai randi banakhindi sexy story onlinemene chachi ko jawarjasti chodaविधवा माँ की तडप बेटे से वासनामजा आने लगा कि वह बहुत ज़ोर से अपने चूतड़ों को उछालhot kamukta comsexy video massage karte huye kab Uske mein daal de usse Pata Na Chaleमम्मी की चूतड़ पर लंडचुद गई रिक्शेवाले सेshadishuda.bahan.sex.kahani.hindiMammy ko jhate saaf karte hue dekhaपायल को किस ने चोदाchut chatvayi magar bhosdi vali chudi nahihindi kahani ammi galti ka fayedaभाई ज़ोर से चोदो ना मज़ा आ रहा हैsexy story com hindikamuktta.comअचानक मेरा नाड़ा खुल गयाvabi ko rat me chod ke swarg dekhiaबुआ की लड़की चुदवाती हैkamukta com newफुसफुसा कर ब्रा खोलbehan ko dosto se bur fadwaya40 साल की आंटी की चुदाई कहानीland chout ki kahani hindi mभाभी ने अपनी ननद की चुदाई अपने भैया से करवाई हिंदी कहानियाpapa ko beti chut chtadee chudai kahaniPriya को चोदकर रनदी कि चुदाई कि कहानीshaadi ke baad didi ka doodhBaba ka elaj sudai kahani Vidhwa chachie ke choot chatie sax khanieभैया बाहर से आकर सबसे पहले मेरी चूत लेते है'gore gore per dbate dbate sex ka mood bn gya hindi sex story'चुदाई की मजेदार बाते मीणा मोबाइलsexi stroyHINDE SEX STORYबेटी ने कहा पाप हमको लंड दो सैकसी विडीयो हिंदीबीबी की chut रोजाना chatata hu story hindi meमैकेनिक ने मुझे छोड़ दिया हिंदी सेक्स स्टोरीदादी नानी मरी कहानी सेक्सी चुड़ै कहानीkamuka storyसोती चाची की चूत टटोलता बिडियोhindisexykhaneyaमोसेरी बहन ने कहा मेरी चुत खोल दोननद की सेक्सी कहानीSardi ki raat chudai ki garmiadlt.randi.bibi.ki.khani.Story Dii ko randi banaya anti ki गंदी पेंटी चाटेगा, sxi kahaniअपने दोस्त की सेक्सी मम्मी को चोदासील तोड़ी सेक्स कहानीचुदक्ड परिवार की कहानीChut malish dadi kikamukta new storywww kamukta hindi combgale bubsमाँ की बूर का बाल साफ किया पेटीकोट में चुदाई कहानीबीवी बोले शोहर को बडा लंड दिलवादेDadi ke sath nanga nahaya नाना के घर मामी का मजा 2Didi ke sushral ja kr didi ke saath sex kuhaniya hindi mexkhani bhen ko Scotty sikhate huaa chudai38 28 38 ldkio ki chudaiAsha.ki.chudai.hindi.meDidi ki40 ki bra or chudaiKele wale land se chudi hindi storywww.New chudai kahani hindi me andhere kiSamdhi.aor.samdhn.ki.hindi.satori.old.and.hatKhel me pal diya sex storedevar ko chut dekar narajgi khatam ki hindi sex storysexy story hindiदादि नानी के साथपढायी के बहाने चुदायी की कहानीसाडी ऊता रे वा ला चो दी क चो दापराये घर मे देशी सेक्सी विडीयो बनायाचाचीसुहागरातसैकसxxx kahani bhai ne sone ka fayda uthayaलवडे का अागे वाला अंग पिछे क्यौं करते हैै इसके फायदेदादी नानी मरी कहानी सेक्सी चुड़ै कहानी